Monday, January 9, 2017

तेरी प्यार वाली नज़र पड़ी....

तेरी प्यार वाली नज़र पड़ी
तो ये सारा आलम बदल गया, 
तूने मुस्कुराकर क्या कहा,
मेरा गुरूर सारा पिघल गया...
          तेरी प्यार वाली नज़र....

जो मैं तुझसे रूठूँ, मेरी खता 
जो तू माफ़ कर दे, तेरा करम,
ये बात आपस की है सनम,
तेरे कहने से दिल बहल गया...
         तेरी प्यार वाली नज़र....

तेरी रहमतों का ये सिलसिला,
ना तो कम हुआ, ना रुका कभी
जब लड़खड़ाए कदम मेरे,
तूने हाथ थामा, सँभल गया...
          तेरी प्यार वाली नज़र ....

वही मधु भरी सुन बाँसुरी,
जिसे सुन के मीरा बावरी,
तेरी हो गयी, कहीं खो गई
क्या उसी का जादू चल गया ?
        तेरी प्यार वाली नज़र.... 

है युगों का नाता तेरा-मेरा,
नहीं प्रीत अपनी नई-नई 
तू कहाँ है ये भी पता नहीं,
तुझे खोजने भी निकल गया...
         तेरी प्यार वाली नज़र...